वेदान्त कोई पाप नहीं जानता , वो केवल त्रुटी जानता है . और वेदान्त कहता है कि सबसे बड़ी त्रुटी यह कहना है कि तुम कमजोर हो , तुम पापी हो , एक तुच्छ प्राणी हो , और तुम्हारे पास कोई शक्ति नहीं है और तुम ये वो नहीं कर सकते . – स्वामी विवेकानंद || The Vedanta recognizes no sin it only recognizes error. And the greatest error, says the Vedanta is to say that you are weak, that you are a sinner, a miserable creature, and that you have no power and you cannot do this and that. – Swami Vivekananda

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