Hindi Quotes by Famous People

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जितना अधिक श्रम का विभाजन और मशीनरी का उपयोग बढ़ता है , उतना ही श्रमिकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढती है , और उतनी ही उनका वेतन कम होता जाता है। || The more the division of labor and the application Read more ›

लेखक इतिहास के किसी आन्दोलन को शायद बहुत अच्छी तरह से बता सकता है, लेकिन निश्चित रूप से वह इसे बना नहीं सकता . || The writer may very well serve a movement of history as its mouthpiece, but he Read more ›

मानसिक श्रम का उत्पाद – विज्ञान – हमेशा अपने मूल्य से कम आँका जाता है , क्योंकि इसे पुनः उत्पादित करने में लगने वाले श्रम-समय का इसके मूल उत्पादन में लगने वाले श्रम-समय से कोई सम्बन्ध नहीं होता . || Read more ›

शायद ये कहा जा सकता है कि मशीनें विशिष्ट श्रम के विद्रोह को दबाने के लिए पूंजीपतियों द्वारा लगाए गए हथियार हैं . || Machines were, it may be said, the weapon employed by the capitalists to quell the revolt Read more ›

कारण हमेशा से अस्तित्व में रहे हैं , लेकिन हमेशा उचित रूप में नहीं . || Reason has always existed, but not always in a reasonable form. – Karl Marx

यह बिल्कुल असंभव है कि प्रकृति के नियमों से ऊपर उठा जाए . जो ऐतिहासिक परिस्थितियों में बदल सकता है वह महज वो रूप है जिसमे ये नियम खुद को क्रियान्वित करते हैं . || It is absolutely impossible to Read more ›

अनुभव सबसे खुशहाल लोगों की प्रशंशा करता है , वे जिन्होंने सबसे अधिक लोगों को खुश किया . || Experience praises the most happy the one who made the most people happy. – Karl Marx

इतिहास कुछ भी नहीं करता . उसके पास आपार धन नहीं होता , वो लड़ियाँ नहीं लड़ता . वो तो मनुष्य हैं, वास्तविक , जीवित , जो ये सब करते हैं . || History does nothing; it does not possess Read more ›

साम्यवाद के सिद्धांत का एक वाक्य में अभिव्यक्त किया जा सकता है: सभी निजी संपत्ति को ख़त्म किया जाये . || The theory of Communism may be summed up in one sentence: Abolish all private property. – Karl Marx

कोई भी जो इतिहास की कुछ जानकारी रखता है वो ये जानता है कि महान सामाजिक बदलाव बिना महिलाओं के उत्थान के असंभव हैं . सामाजिक प्रगति महिलाओं की सामजिक स्थिति, जिसमे बुरी दिखने वाली महिलाएं भी शामिल हैं ; Read more ›

इतिहास खुद को दोहराता है , पहले एक त्रासदी की तरह , दुसरे एक मज़ाक की तरह. || History repeats itself, first as tragedy, second as farce. – Karl Marx

एक ऐसा क्षण जो इतिहास में बहुत ही कम आता है , जब हम पुराने के छोड़ नए की तरफ जाते हैं , जब एक युग का अंत होता है , और जब वर्षों से शोषित एक देश की आत्मा Read more ›

एक ऐसा क्षण जो इतिहास में बहुत ही कम आता है, जब हम पुराने के छोड़ नए की तरफ जाते हैं, जब एक युग का अंत होता है, और जब वर्षों से शोषित एक देश की आत्मा, अपनी बात कह Read more ›